What is Loan Against Securities in hindi – Meaning and Definition

जब भी सामने कोई इमरजेंसी आती है तो उस समय हमें तुरंत पैसों की जरूरत होती है ऐसे में उस समय अपने निवेश को बेचने के बजाय securities के बदले लोन लेना (loan against securities) एक बेहतर विकल्प हो सकता है | हालांकि Loan Against Security की प्रक्रिया थोड़ी धीमी जरूर रहती है लेकिन फिर भी आप इसके ज़रिए सस्ती ब्याज दरों पर लोन ले सकते हैं |

यहाँ पर लोन की राशि को लेने के लिए किसी भी प्रकार की सिक्योरिटीज को गिरवी रखा जा सकता है जैसे – शेयर, equity या डेट म्यूचुअल फंड, बीमा पॉलिसियां और बांड इत्यादि | जब किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत या बिजनेस संबंधीत जरूरतों के लिए तत्काल नकदी पैसो की जरुरत होती है तो ऐसे समय में इस प्रकार के लोन आपके लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है | अगर आप शॉर्ट और लॉन्ग टर्म लोन के लिए लोन लेने की सोच रहे है तो आपके लिए अगेंस्ट शेयर (LAS) एक काफी लोकप्रिय ऑप्शन हो सकता है |

इन बातों का ध्यान रखें

LAS मौजूदा फॉर्मैट में सिर्फ रेजिडेंट इंडिविजुअल्स को ही ऑफर किया जाता है। अगर आप HUF, NRI या कोई और एंटिटी हैं तो आपको बैंक से दूसरे प्रॉडक्ट्स के बारे में भी पता कर लेना चाहिए। LAS ट्रांजैक्शंस में लोन एग्रीमेंट पर ओवरड्राफ्ट एकाउंट मेंटेनेंस, प्रोसेसिंग और स्टांप ड्यूटी के लिए एडिशनल चार्ज लगता है।

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जमानत

बैंकों के पास उन सिक्योरिटीज की लिस्ट को बनाते हैं, जिन्हें लोग गिरवी रखकर लोन लेते हैं। लोन की वैल्यू सिक्योरिटीज की वैल्यू के percentage के आधार पर होती है। यह equity shares के मामले में 50% percent तक और deposit के मामले में 90% percent तक हो सकती है। Loan Against Security.

Loan Against Security

प्रक्रिया

Overdraft Facility वाले के लिए आपका करेंट एकाउंट खोला जाता है एवं गिरवी रखी जाने वाली सिक्योरिटी की वैल्यू पर आपकी borrowing limit तय किया जाता है। इनवेस्टर्स (Investors) अपने उस एकाउंट से अपने हिसाब से उसमें पैसे निकाल सकते हैं एवं अपने current account में पैसों को जमा करके repayment कर सकते हैं। इसका प्रोसेस EMI पर आधारित लोन से ज्यादा आसान एवं फ्लेक्सिबल flexible होता है।

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ब्याज

पर्सनल या क्रेडिट कार्ड लोन पर LAS की ब्याज दर बहुत कम होती है क्योंकि इनमें सिक्योरिटी (security) की जमानत होती है। overdraft account में बकाया Daily Balance के आधार पर आपसे मासिक ब्याज की दर से जोड़कर लिया जाता है। Loan Against Security

फ्लेक्सिबिलिटी

आपके द्वारा गिरवी रखी गई सिक्योरिटी की वैल्यू के आधार पर limit sanctionके जाने के बाद investor जरूरत के हिसाब से अपने पैसे को कभी भी निकालने के लिए आजाद होता है। आपको यह पर एटीएम और इंटरनेट बैंकिंग फैसिलिटी भी दिया जाता है | आप इसमें cash inflow के आधार पर कभी भी repayment कर सकते है।

कैसे मिलता है Loan Against Security

जब भी आप इसके ज़रिए कर्ज लें उससे पहले आपको इस बात की जांच अच्छे कर लेनी चाहिए कि lenders आपके पास मौजूद securities को स्वीकार करते हैं या नहीं | हलाकि देखा जाये तो ज्यादातर लेंडर्स के पास आमतौर पर उनकी वेबसाइट पर सिक्योरिटीज की एक लिस्ट तैयार होती है |

वे इस लिस्ट पर मौजूद securities को स्वीकार कर लेते हैं एवं इसके साथ ही equities के मामले में एक लेंडर आपको प्रतिभूतियों के मूल्य के आधार पर आपको 50 या 60 प्रतिशत कर्ज के रूप में दे सकता है | हालांकि यह debt funds or bonds के मामले में ज्यादा हो सकता है तो इस बात का ध्यान रखे | ऋण अवधि के दौरान प्रतिभूतियों का मूल्य गिरने की स्थिति में कुछ ऋणदाता अतिरिक्त सिक्योरिटीज की मांग भी करते हैं |

LAS(लोन अगेंस्ट सिक्योरिटी) से संबंधित जरूरी बातें

इसका एक बड़ा फायदा यह है कि जब आप अपनी सिक्योरिटीज को लेंडर के पास गिरवी रखते हैं; तो भी समय के साथ इसमें ग्रो होता रहता है और इसी दौरान; आप अपने निवेश को बेचे बिना ही लोन लेकर अपनी जरूरतों को पूरा कर सकते हैं.

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि अपने निवेश को लिक्विड करने के बजाय; यह एक बेहतर तरीका है. इसमें आपके निवेश पर लोन अवधि के दौरान भी इंटरेस्ट; बोनस और डिविडेंड आदि मिलता रहता है; शेयरों के बदले दिए जाने वाले कर्ज में स्टॉक एक्सचेंज प्रतिभूतियां शामिल हैं. अगर उधारकर्ता भुगतान करने में विफल रहता है, तो लेंडर सिक्योरिटीज का निपटान कर सकता है और ऋण की वसूली कर सकता है.

शेयरों के बदले दिए जाने वाले ऋणों में स्टॉक एक्सचेंज प्रतिभूतियां जैसे सरकारी प्रतिभूतियां, कॉर्पोरेट प्रतिभूतियां और डिबेंचर शामिल हैं.

ये Loan Against Security छोटी अवधि के ऋण हैं. इसमें आमतौर पर रिपेमेंट की अवधि 36 महीने तक होती है.

कुछ बैंकों में आपको फ्लेक्सिबल रिपेमेंट का ऑप्शन भी मिलता है; आप इस ऑप्शन के तहत लोन का ब्याज हर महीने; और मूलधन लोन अवधि के अंत में चुकाने का विकल्प चुन सकते हैं.

लोन अगेंस्ट सिक्योरिटी भी अलग-अलग शुल्कों के साथ आता है; – उदाहरण के लिए, प्रोसेसिंग चार्ज के अलावा, लोन प्रोवाइडर के आधार पर; एक उधारकर्ता को लोन एग्रीमेंट पर स्टांप ड्यूटी; प्लेज क्रिएशन फीस आदि शुल्क लगाया जा सकता है.

भारत में आप एक्सिस बैंक, ICICI बैंक, HDFC बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया; आदि बैंकों में लोन अगेंस्ट शेयर्स के लिए अप्लाई कर सकते हैं.

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