Insurance Kitne Prakaar ka hota hai

बीमा

बीमा भविष्य में किसी नुकसान की आशंका से निपटने का प्रभावी हथियार है. हमें नहीं पता कि कल क्या होगा, इसलिए हम बीमा पॉलिसी के जरिये भविष्य में संभावित नुकसान की भरपाई की कोशिश करते हैं.

इंश्योरेंस का मतलब जोखिम से सुरक्षा है. अगर कोई बीमा कंपनी किसी व्यक्ति का insurance करती है तो उस व्यक्ति को होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी करेगी.

इसी तरह अगर बीमा कंपनी ने किसी कार, घर या स्मार्टफोन का insurance किया है तो उस चीज के टूटने, फूटने, खोने या क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में बीमा कंपनी उसके मालिक को पहले से तय शर्त के हिसाब से मुआवजा देती है.

बीमा वास्तव में बीमा कंपनी और बीमित व्यक्ति के बीच एक अनुबंध है. इस कॉन्ट्रेक्ट के तहत insurance कंपनी बीमित व्यक्ति से एक निश्चित धनराशि (प्रीमियम) लेती है और बीमित व्यक्ति या कंपनी को पॉलिसी की शर्त के हिसाब से किसी नुकसान की स्थिति में हर्जाना देती है.

बीमा (Insurance) कितने तरह का होता है?

आम तौर पर बीमा दो तरह का होता है:
जीवन बीमा (Life Insurance)
साधारण बीमा (General Insurance)

जीवन बीमा

जीवन बीमा, बीमाकृत व्यक्ति की मृत्यु हो जाने के कारण होने वाली आर्थिक क्षति के विरुद्ध एक सुरक्षा है। बीमा कम्पनी एक निश्चित अवधि के अंत में अथवा बीमाकृत व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर एक निश्चित धनराशि के भुगतान का वचन देती है। कोई व्यक्ति जो जीवन बीमा की सुरक्षा चाहता है उसे insurance प्रदाता को प्रीमियम का भुगतान करना होता है।

वित्तीय सुरक्षा

आप और आपके परिवार को आपकी मृत्यु, बीमारी अथवा शारीरिक अक्षमता के कारण जीविका नहीं अर्जन कर सकने की स्थिति में वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध होती है। इसके अतिरिक्त, आप जीवन बीमा का उपयोग अपने बुढ़ापे के आर्थिक सहारे, बच्चों की शिक्षा में निवेश तथा कर-बचत निवेश के रूप में कर सकते हैं। अच्छा हो यदि आप जीवन insurance छोटी उम्र में ही करा लें। अधिक उम्र में जीवन बीमा कराने पर प्रीमियम की राशि बढ़ जाती है।

सही बीमा योजना का चयन करें

अपनी आवश्यकताओं का विश्लेषण कर आपको सही insurance योजना का चयन करना चाहिए। आपकी प्राथमिकता मृत्यु की स्थिति में वित्तीय सुरक्षा, आपके धन की दीर्घकालीन वृद्धि, बचत अथवा रिटायरमेन्ट के बाद के पेंशन के आधार पर हो सकती है। आप किसी वित्त सलाहकार से भी परामर्श ले सकते हैं जो जीवन insurance योजना के सही चयन में आपका मार्गदर्शन करेगा। कोई निश्चित नियम नहीं है, किंतु आमतौर पर जीवन insurance की राशि आपकी वार्षिक आय का 15 से 20 गुणा हो सकती है।

मनोनयन

मनोनयन का अर्थ है आपकी मृत्यु की स्थिति में Life Insurance के लाभ प्राप्त करने वाले व्यक्ति को नामजद करना। जीवन Insurance पॉलिसी लेते समय आपको मनोनीत व्यक्ति के बारे में पूर्ण विवरण देना पड़ता है। पॉलिसी धारक अपने जीवनकाल में मनोनीत व्यक्ति को बदल सकता है। दूसरी ओर, Insurance पॉलिसी के असाइनमेंट (अधिन्यास) का अर्थ है Insurance पॉलिसी के सभी अधिकारों तथा देयताओं को असाइनी (अधिन्यासी) के नाम पर हस्तांतरित कर देना।

आईआरडीए द्वारा पॉलिसी धारक के हितों की सुरक्षा

Insurance नियामक विकास प्राधिकरण (आईआरडीए) एक वैधानिक निकाय है जिसकी स्थापना पॉलिसी धारकों के हितों की सुरक्षा तथा Insurance उद्योग के नियमन एवं उसकी वृद्धि को प्रोत्साहित करने हेतु की गई। आईआरडीए के अनुसार Insurance कम्पनी को किसी दावे का निपटारा, इस हेतु दावाकर्ता की ओर से सभी आवश्यक शर्तें पूरी कर देने के, 30 दिनों के अन्दर कर देना चाहिए। यदि दावे के निपटारे हेतु आगे किसी सत्यापन की आवश्यकता होती है तो कम्पनी द्वारा दावे के लिखित ज्ञापन मिलने के 6 महीने के अन्दर सारी प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए। ऐसे किसी भी निपटारे के लिए, जिसमें 6 महीने से अधिक का समय लगता है, कम्पनी को दावे की राशि पर ब्याज का भुगतान करना होगा।

राहत अवधि के अन्दर बीमा प्रीमियम अदा नहीं किए जाने पर आपकी जीवन Insurance पॉलिसी रद्द हो जाएगी। पॉलिसी रद्द हो जाने पर, आपको मिलने वाले सभी लाभ रद्द हो जाएंगे।

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ऑटो मोबाइल बीमा

सभी मोटर वाहन का बीमा कराना पड़ता है। मोटर-वाहन बीमा वाहन अथवा इसके एसेसरीज को पहुंचने वाली किसी प्रकार की क्षति या किसी प्रकार के नुकसान के विरुद्ध सुरक्षा प्रदान करता है। क्षति या नुकसान किसी प्राकृतिक आपदा जैसे आग, बाढ़ अथवा गैर-प्राकृतिक आपदा जैसे चोरी और दंगा के कारण हो सकता है। ऑटो मोबाइल Insurance आपको तीसरे पक्ष की वैधानिक देयता से भी सुरक्षित रखता है जो दुर्घटना से होने वाले नुकसान की स्थिति में होती है।

नो-क्लेम बोनस

नो-क्लेम बोनस का अर्थ है यदि पॉलिसी धारक किसी वर्ष कोई दावा प्रस्तुत न करे तो इस कारण मिलने वाली छूट। पॉलिसी धारक नो-क्लेम बोनस (NCB) का हकदार पॉलिसी के नवीकरण के समय होता है। NCB की दर वही रहती है, बशर्ते आप यह दिखाने में सफल हों कि आप पहले वाले ऑटो मोबाइल Insurance प्रदाता से NCB प्राप्त करने के हकदार हैं।

खुद को या तीसरे पक्ष को होने वाले सभी संपत्ति अथवा शारीरिक क्षति या नुकसान की जानकारी उपयुक्त अधिकार क्षेत्र वाले पुलिस थाने में देनी चाहिए। यदि बीमा कम्पनी ने गैर-नगदी सुविधा दे रखी है तो आपको नगद रूप में क्षतिपूर्ति नहीं मिलेगी बल्कि आपके वाहन की मरम्मत करवाई जाएगी। यद्यपि Insurance कम्पनियों के कुछ वाहन विक्रेताओं के साथ समझौते हुए रहते हैं, और आप केवल वहीं से इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

यदि आपके वाहन की चोरी हो जाती है तो आपको सबसे पहले उपयुक्त अधिकार क्षेत्र वाले पुलिस थाने में जाकर एफआईआर दर्ज करवानी चाहिए। बीमा कम्पनी को ज्ञापन देना चाहिए और Insurance का दावा प्रस्तुत करना चाहिए।

स्वास्थ्य बीमा

Health Insurance आपके चिकित्सकीय उपचार पर होने वाले व्यय के विरुद्ध सुरक्षा है। Insurance सुरक्षा की सीमा बीमाकृत राशि तक ही होती है। स्वास्थ्य उपचार अत्यंत महंगा हो सकता है। Health Insurance स्वास्थ्य उपचार के व्यय की क्षतिपूर्ति प्रदान करता है यदि उपचार Insurance की अवधि के दौरान किया गया हो। Health Insurance पॉलिसियां कर में छूट भी दिलाती हैं। आयकर अधिनियम की धारा 80D के अनुसार अधिकतम 10,000 रु. की छूट प्राप्त होती है। वरिष्ठ नागरिक अपनी कर योग्य आय पर अधिकतम 15,000 रु. की छूट प्राप्त कर सकते हैं। Health Insurance कम्पनियां 50 वर्ष की उम्र तक के व्यक्ति को Insurance सुरक्षा प्रदान करती हैं।

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बिना नगद भुगतान के अस्पताल में उपचार

इन दिनों स्वास्थ्य Insurance कम्पनियां अपनी सेवाओं में अनोखी धारणाएं शामिल कर रही हैं। उनमें से एक है ‘बिना नगद भुगतान के अस्पताल में उपचार’। इस सुविधा के अंतर्गत व्यक्ति को अस्पताल के बिल का भुगतान नहीं करना पड़ता है; Insurance कम्पनी द्वारा बिल का सीधा भुगतान कर दिया जाता है। यद्यपि, यह सुविधा केवल उन्हीं अस्पतालों में उपलब्ध होती है जिसका बीमा कम्पनी के साथ समझौता रहता है।

छूट

बाजार में ऐसी स्वास्थ्य Insurance योजनाएं हैं जो आपके परिवार के सभी सदस्यों को Insurance सुरक्षा प्रदान करती हैं। आपको अपने संपूर्ण परिवार के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा प्राप्त होती है। कुछ बैंकों द्वारा अगले साल के लिए प्रीमियम पर 5% की छूट दी जाती है।
इसका अर्थ यह है कि बीमा अवधि के पहले 30 दिन के दौरान होने वाले अस्पताल के खर्चे बीमा सुरक्षा के अंतर्गत नहीं आते। यद्यपि, दुर्घटना के कारण होने वाली क्षति इसके अंतर्गत आती है। जो बीमारियां बीमा कराने से पहले से हैं वह भी इसके अंतर्गत नहीं आतीं।

यात्रा बीमा

Travel Insurance एक ऐसी योजना है जो आपकी समुद्रपार (विदेश) यात्रा के दौरान होने वाली वित्तीय क्षति के विरुद्ध सुरक्षा प्रदान करती है। आप विभिन्न उद्देश्यों हेतु विदेश यात्रा कर सकते हैं जैसे छुट्टियां बिताने, शिक्षा या अपने किसी महत्वपूर्ण बिजनेस मीटिंग के लिए। इस दौरान आपको बीमा सुरक्षा देने हेतु विदेश यात्रा बीमा उपलब्ध है। यह बीमा आपको आपका सामान खो जाने, यात्रा के दौरान चिकित्सकीय आपात स्थिति अथवा दुर्घटना की स्थितियों में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है।

यात्रा बीमा की सुरक्षा पॉलिसी में उल्लिखित दिन से अथवा जब आप विदेश यात्रा आरंभ करते हैं; उस दिन से अथवा पॉलिसी में दिए गए वास्तविक कंट्रैक्टेड डिपार्चर डेट; जो भी बाद का हो, उस दिन से आपको प्राप्त होती है; Travel Insurance अवधि के अंत तक अथवा; बीमाकृत व्यक्ति जब वापस आकर भारत में उतरता है, जो भी पहले हो; उस दिन तक वैध रहता है;Although बहुत सी Insurance कम्पनियां Insurance पॉलिसी के लाभों को कुछ समय के लिए बढ़ा देती है; यदि बीमाकृत यात्रा में किसी कारणवश विलम्ब हो जाए।

Travel Insurance

आप एक यात्रा अथवा अनेक यात्राओं के लिए बीमा करा सकते हैं; यदि आपने एकल यात्रा (single trip) की पॉलिसी ली है तो; इसकी सुरक्षा आपको एक निश्चित अवधि तक के लिए ही मिलेगी; यदि आपने बहु-यात्रा पॉलिसी (Multiple Trip policy) ली है तो; बीमा की अवधि के दौरान आपको आपकी सभी यात्राओं के लिए इसकी सुरक्षा प्राप्त होगी; TPA थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर है जो; बिना नगद भुगतान के चिकित्सा सेवाओं तथा दावों के निपटारे में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराता है।

यदि विदेश यात्रा के दौरान आप किसी बीमारी से ग्रस्त हो जाते हैं; तो आप अपने देश लौट कर भी उस बीमारी का इलाज लगातार प्राप्त कर सकते हैं; यह थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (TPA) द्वारा दी गयी सलाह पर निर्भर करता है; यदि TPA सलाह देता है ;तो कम्पनी बीमाकृत व्यक्ति के अपने देश लौट आने पर उसके चिकित्सा व्यय का भुगतान करना जारी रखेगी; ऐसी चिकित्सा को जारी रखने के लिए; अधिकतम अवधि की सीमा अलग-अलग कम्पनियों के लिए अलग-अलग होगी; कुछ योजनाएं उन छात्रों के लिए होती हैं जो; बिना मेडिकल कवर (चिकित्सा बीमा) के विदेश अध्ययन के लिए जाते हैं।

गृह बीमा

गृह बीमा एक सुरक्षा है जो आपको आपके घर को प्राकृतिक अथवा; मानव निर्मित आपदा से होने वाले नुकसान की स्थिति में प्राप्त होती है; घर का ढांचा और उसके अन्दर के आपके सामान- दोनों बीमा योग्य होते हैं; गृह बीमा पॉलिसी के अंतर्गत सभी प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदाएं जैसे आग, भूकम्प, आकाशी बिजली; बाढ़, दंगा, हड़ताल, दुर्भावनावश की गई क्षति, चोरी, आतंकवाद इत्यादि आती हैं।

घर के ढ़ांचे के लिए

 बीमाकृत राशि की गणना आपके घर के निर्माण क्षेत्रफल को प्रचलित निर्माण दर; (कंसट्रक्शन रेट) से गुणा कर की जा सकती है।

घर के अन्दर की वस्तुओं के लिए

 घर के अन्दर की आपकी सभी वस्तुएं जैसे फर्नीचर, कपड़े, बरतन, गहने; इत्यादि के मूल्य बाजार मूल्य पर तय किए जाते हैं; आमतौर पर आपका घर बीमाकृत होता है न कि उसके अन्दर की वस्तुएं; आप अपने घर की वस्तुओं के लिए बीमा की पूर्ण सुरक्षा प्राप्त कर सकते हैं; गृह बीमा के अंतर्गत व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए प्रयुक्त होने वाले भवनों का बीमा नहीं होता।
आपको नुकसान की प्रकृति और उसके विस्तार को दर्शाते हुए बीमा कम्पनी का दावा प्रपत्र; (क्लेम फॉर्म) भरकर अन्य दस्तावेजों के साथ जमा करना पड़ता है; दस्तावेजों में एफआईआर रिपोर्ट फायर ब्रिगेड रिपोर्ट; नुकसान की स्थिति में मरम्मत व्यय का आकलन इत्यादि होते हैं; मकान मालिक की गृह बीमा पॉलिसी के अंतर्गत वास्तविक भवन आता है न कि घर के अन्दर की वस्तुएं।

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