Chartered Accountants के लिए Loan कैसे लें जानिए पूरी जानकारी हिंदी में

Chartered Accountants के लिए Loan कैसे लें – जब भी कोई चार्टेड अकाउंटेंट अपनी खुद की फर्म शुरु करते हैं या फिर करने वाले होते है तो उन्हें अपना business सेट-अप करने में अधिक से अधिक धन की आवश्यकता होती है। ऐसा माना जाता है कि चार्टर्ड अकाउंटेंट यानी CA पेशा एक शानदार और पैसों वाला rich profession Business है, हलाकि आपकी यह सोच बिल्कुल सत्य है कि सीए एक बेहद शानदार और आपार धन वाला Business है।

लेकिन इसी के साथ यह भी सत्य है कि जब भी कोई सीए जब खुद का फर्म शुरु करता है या करने वाला होता है तो उसे अपने Business के ऑफिस में यूज़ होने वाले तमाम उपकरण इत्यादि को खरीदने यानि bought करने के लिए और उस business में काम करने वाले कर्मचारियों को वेतन देने के लिए अधिक धन की आवश्यकता होती है। 

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चार्टेड अकाउंटेंट के लिए पात्रता

चार्टेड अकाउंटेंट को बेहद आसान शर्तों पर 7.5 लाख तक का बिजनेस लोन दिया जाता है| सीए को इन आसान शर्तों पर बिजनेस लोन मिलता है।

रजिस्टर्ड फर्म 2 से अधिक पुरानी हो। फर्म का सालाना टर्नओवर 10 लाख रुपये से अधिक हो। फर्म के लिए सालाना डेढ़ लाख से अधिक की आईटीआर फाइल होती हो। सीए फर्म और सीए का घर दोनों अलग – अलग जगह पर हो। फर्म की जगह या घर की जगह में से कोई एक खुद सीए के नाम पर या किसी बल्ड रिलेटिव के नाम पर हो।

चार्टेड अकाउंटेंट
चार्टेड अकाउंटेंट

चार्टेड अकाउंटेंट के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट

देश की नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एनबीएफसी) द्वारा Chartered अकाउंटेंट – CA के लिए तुरंत पैसों की जरूरत को समझा जाता है। इसलिए न्यूनतम कागजातों पर बिजनेस लोन मुहैया कराया जाता है। बिजनेस लोन के लिए निम्न कागजातों की जरूरत पड़ती है:

Aadhar Card, Pan Card, फर्म रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र; 9 महीने का बैंक स्टेटमेंट; फाइल की गई आईटीआर की कॉपी; घर या फर्म की जगह में से किसी एक का मालिकाना हक का प्रूफ। (यह माता – पिता, भाई – बहन, पति – पत्नी, पुत्र – पुत्री इत्यादि में से किसी के नाम पर हो तो भी मान्य किया जाता है।)

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चार्टेड अकाउंटेंट
चार्टेड अकाउंटेंट

चार्टेड अकाउंटेंट लोन की ब्याज दर

एनबीएफसी से Chartered अकाउंटेंट को मिलने वाले शार्ट टर्म लोन के रुप में; ब्याज दर बेहद वजिब होती है। ब्याज दर निर्धारण के वक्त; ग्राहक का क्रेडिट स्कोर भी मायने रखता है।;आरबीआई के दिशा-निर्देशानुसार ब्याज दरों में समय – समय पर बदलाव होता रहता है; इसलिए, लोन लेने से पहले संबंधित वित्तीय संस्थान से वर्तमान ब्याज दर के संबंध में जानकारी प्राप्त कर लेना चाहिए।

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